काश्मिर वेलगाम घटना में नेपालका तरफ से घोर भत्सर्ना अैार खेद प्रकट - Samacharline.com

देशहोम

काश्मिर वेलगाम घटना में नेपालका तरफ से घोर भत्सर्ना अैार खेद प्रकट

नेपाल अैार भारत बिचका सम्बन्ध सिर्फ राजनीतिक सिमानाअेां में सिमित नहिं है। हमारा दाेनाें देश एक दुसरेका परिपुरक संबन्ध में युगाैं युग से चलता रहा है। धार्मिक सामाजिक अैार राजनीतिक लगायत विविध जातिय नश्लिय संबन्ध जुडाहुवा है। विगत कुछ दिन पिछे घटाहुवा काश्मिर बेलगाम घटनाअेां मे कुल २६ आदमिका धरम अैार जाति पुछताछके आतंकि मुशलमान जत्थाअेां ने कत्लआम करदिया ईस में संपुर्ण नेपाल अेार नेपालीका तरफ से बेहद दु:ख प्रकट कर के आतंकियाेंका सफाया करने में नेपाल ऐक्यबद्ध है। सवाल इतने में सिमित नहिं है। नेपाल अेार भारतका करिव १८०० कि मि लंबा सिमाना खुल्लम् खुल्ला है। जब भारत इष्ट इंडिया कंपनि से १९४७ में आजाद हुवा उसिका वजह से तिनसाल वाद नेपालका १०४ बर्ष पुराना एकतन्त्रीय राणाशाहिका खतम् हाेकर प्रजातन्त्र आया। नेपालमें बहुपार्टि प्रणाली शासन ब्यावस्था शुरु हुवाथा इसिवजह से नेपालमें बहुअन्तरदेसिय एजेंसिका भि सुरुवात हाेगया हर पार्टीका अलग अलग एजेंसि कामयावि हाेनेलगी। यिसिकारण चिनियाँ , पाकिस्तानी , पश्चिमा युराेपियन अमेरिकी एजेंसितक चालुहाेने लगि। वादमें पञ्चाय शासन शुरु हुवा उस कालखण्डमें राजा सक्रिय हुवा करता था उसका नीति पडाेसि देशका बिचमें संतुलन कायम कर के देशकाे मजबुत बनाना था। जब से दल अेार पार्टीका हालिमुवालि हुवा तब से राजाका नीति धिरे धिरे से कमजाेर सावित हुवा। यिसिका बाबजुद पार्टीका नेतालाेग इच्छा जताके फायदामंद काम के लिए कामयावि बन्ना शुरु करदिया। यिसिका कारण नेपाल अेार भारत बिचका रिस्तेदारीका अलावा ब्यापारिक साेच हावि हाेगया। नेता लाेग ब्यक्तिगत चाहना पूरा करनेका खातिर फायदामंद कार्याें में डुबके पुराने ऐतिहासिक विविध रिस्ता धिरेधिरे से खतम करने लगि। पश्चिमा देशाेंका डलरमें बिक्री हाेगए। परिणामस्वरूप पडाेसि देशमें खुल्ला सिमानाका फायदा आतंकियाें ने उठाने लगि। यिसका अलावा जब नेपालमें नक्सलाईट ग्रुप ज्यादा हाेगया तब से चिनियाँका अलावा पाकिस्तानी अेार पश्चिमा देशका एजेंसि कम्युनिस्ट दलका नजदिक हाेने लगि। नेपालमें कम्युनिस्ट दलाें ने जनता माझ ऐसा भाष्य तय करदिया नेपाल गरिव हाेनेका प्रमुख कारण भारत अेार भारतीय राजनीति जिम्मेदार है। ऐसा भाष्यका कारण नेपाली जनजन बिच जफरत पैदा करने वाले प्रमुख शक्ति नेपालका कम्युनिस्ट पार्टी अेार यिनका नेता प्रमुख जिम्मेदार है। भारतीय विस्तारवादका कारण नेपाल आजतक गरिवियाेंका झेलरहा है। यहि सब गलत कारण नेपाली जनजनमें बाट्नेका काम नेपालका कम्युनिस्ट पार्टी कररहा है। कम्युनिस्टका अलावा नेपाल गैरकम्युनिष्ट पुराना दल भि वहि कम्युनिस्ट दलका पिछलग्गु बनके सत्तामें बैठनेका काम कररहा है। खुल्ला सिमानाअेांका दुरुपयोग करवानेका प्रमुख जिम्दार नेपालका दलबाला है। जब भारत में हिन्दुवादि दल भाजपाका शासन शुरु हुवा उसि समय से आजतक नेपालमें हिन्दुराज्य बनाकर काेहि पञ्चायत जैसा एक अेार ज्यादा से ज्यादा दाे तीन दल मिलाकर शरपे राजशाहिकाे बैठाकर खुल्ला सिमानाअेां से हाेनेवाली संपूर्ण गतिविधियाँका जिम्मेदारी नेपाल सरकारकाे साेंपना चाहिय। जबतक ऐसा काम भारत सरकार से नहिं करेङ्गे तबतक ऐसा घटना निरन्तर हाेता रहता है। नेपालमें हिन्दुअेांका अलावा कृस्तान अेार मुस्लिमाेंका गतिविधि तिव्रतर हाेरहा है। यिसि वजह से भि हरहमेसा भारत असुरक्षित हाेरहा है। भारत अेार नेपालका दिर्घकालिक शान्ति के लिए नेपाल हिन्दुराज्य हाेना अेार राजशहिकाे यह सब चिजाेंका जिम्मेवारी साैंपके भारत अेार नेपालका शान्ति कायम करना भारत अेार नेपालका प्रमुख काम है।

अंत में नेपाल अेार भारत बिचका विविध संबन्धअेां में प्रगाढता दिलाने के लिए। अैार अनन्त कालिन शान्ति के लिए दानाें देशका जनजन में भि चेतनाका सञ्चार करना जरुरी है। सिङ्गो काश्मिर भारतका है। भारत अैर नेपाल अनन्त काल से भविष्य तक मित्रवत् पडाेषि देश है। हर सुख दु:खका साथ में मिलजुलकर निपट्ना दाेनाें देशका प्रमुख जिम्मेदारी रहेगा। भारतका साथ में नेपाल है र नेपाल के साथमें भारत रहना चाहिये।

लेखक: वरिष्ठ पत्रकार डा. राजेन्द्रप्रसाद पाठक काठमाण्डु नेपाल

Page 4MP Achievement Digital AD_300X250