देहरादून : सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर सीएसआईआर-सीबीआरआई में ओपन डे कार्यक्रम आयोजित
– विद्यार्थियों ने सीएसआईआर-सीबीआरआई की अनुसंधान...
– विद्यार्थियों ने सीएसआईआर-सीबीआरआई की अनुसंधान...
इंदौर (अक्षय जैन)। परंपराएं समय के...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा...

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिस तरह ईश्वर को पाने के लिए कठिन मार्ग से गुजरना होता है। उसी तरह पत्रकारिता का भी क्षेत्र है। इसमें विचारों की अभिव्यक्ति सहजता से होना चाहिए और देश सेवा की भावना निहित होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में निजी समाचार समूह द्वारा ‘नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका, चुनौती और संभावना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक गुलाब कोठारी, क्रिकेटर अमय खुरासिया, शिक्षाविद धरा पांडे एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश ने एक हजार साल की गुलामी देखी है। इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति पहुंची है। हमारी संस्कृति दुनिया में सबसे अलग है। इस संस्कृति को बचाए रखने के लिए जड़ों से जुड़कर काम करने की आवश्यकता है। नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए हमारे आचार-विचार और शैली में नैतिकता के साथ व्यक्ति का मन भी पवित्र होना चाहिये। पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यापार आदि में देश सेवा की भावना होना चाहिए। स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जड़ों से जुड़कर कार्य करने और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता है।