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इंदौरहोम

इंदौर भागीरथपुरा : 34 से अधिक मरीज आईसीयू में, 200 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल पीने के बाद गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। स्थानीय अधिकारियों और अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

कलेक्टर शिवम वर्मा के हवाले से बताया गया है कि यह स्वास्थ्य संकट पेयजल में खराबी के कारण उल्टी, डायरिया और गंभीर संक्रमणों का रूप ले चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में 34 से अधिक मरीज आईसीयू में हैं।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक दूषित पानी की समस्या मुख्य जल वितरण लाइन में सीवेज (गंदे पानी / मलजल) के मिल जाने से शुरू हुई। इसमें कुप्रबंधन और पाइपलाइनों में लीकेज की वजह से मानव अपशिष्ट पदार्थ पेयजल सप्लाई में मिला।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि फॉल्ट लाइनों और पुराने पाइप नेटवर्क के कारण पानी गंदा हो रहा था और कई बार गंदा पानी नलों से आ रहा था।

सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए:

  • इंदौर नगर निगम के आयुक्त को हटाया
  • दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित
    जैसी कार्रवाई की है।

इसी के साथ, प्रभावित इलाकों में पेयजल के वैकल्पिक स्रोत, टैंकर सप्लाई और जल के कीटनाशक (chlorination) उपचार की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे उबलाया हुआ पानी ही पियें और माइक्रोबियल सुरक्षा का ध्यान रखें।

स्थानीय निवासी प्रशासन की लापरवाही और शिकायतों पर देर से कार्रवाई के खिलाफ नाराज़गी जता रहे हैं। पानी के गंदे स्वाद, दुर्गंध और रंग बदलने की शिकायतें कई सप्ताह पहले से आई थीं, लेकिन शुरुआत में समस्या को अनदेखा किया गया — जिसके बाद यह संकट बड़ा रूप ले चुका है।

  • इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से कम से कम 15 मौतें और 200+ अस्पताल भर्ती।
  • पानी में सीवेज/मलजल मिलने से स्वास्थ्य आपातकाल।
  • अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई।
  • प्रभावित इलाके में टैंकर एवं सुरक्षित पानी की व्यवस्था जारी।