उज्जैन : उर्दू सोसायटी अमरीका की इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में निज़ामी की शिरकत - Samacharline.com

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उज्जैन : उर्दू सोसायटी अमरीका की इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में निज़ामी की शिरकत

उज्जैन: गत दिवस उर्दू रायटर्स सोसायटी अमेरिका की ओर से आयोजित ऑन लाईन इंटरनेशनल उर्दू कान्फ्रेंस में उज्जैन के इंटरनेशनल शायर अहमद रईस निज़ामी ने शिरकत करते हुए अपनी प्रभावशाली शायरी से उर्दू दुनिया को प्रभावित किया। अदबी मरकज़ वाशिंगटन और उर्दू रायटर्स सोसायटी अमेरिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंटरनेशनल उर्दू कॉन्फ्रेंस में विश्व भर के क़लमकारों शायरों, अदीबों, मक़ाला निगारों ने शिरकत की।

उज्जैन संभाग के पहले और इकलौते अन्तर्राष्ट्रीय शायर अहमद रईस निज़ामी ने भी कामयाबी के साथ इस कॉन्फ्रेंस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपनी प्रभावशाली शायरी से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध करते हुए प्रभावित किया।

उल्लेखनीय होगा कि मध्यप्रदेश की साहित्यिक सांस्कृतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले, नगर निगम में सचिव, शिक्षा प्रभारी, सहायक आयुक्त, स्वास्थ अधिकारी और जनसंपर्क अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों के प्रभार का दायित्व सफलता पूर्वक संभालने वाले निज़ामी उज्जैन संभाग के ऐसे पहले और इकलौते अन्तर्राष्ट्रीय शायर हैं जिन्होंने उर्दू दुनिया में उज्जैन का नाम रोशन करते हुए एक नया इतिहास रचा है। 1989 से कार्तिक मेले के अखिल भारतीय मुशायरे सहित उज्जैन के विभिन्न मुशायरों के संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निज़ामी गत 48 वर्षों से साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सेवा में निरंतर संलग्न हैं।

निज़ामी द्वारा पढ़ी गई ग़ज़लों के कुछ चयनीत शेर इस तरह हैं

ना दोस्ती के साथ है ना दुश्मनी के साथ
ये ज़िंदगी नहीं है हमारी किसी के साथ

वो लोग रोशनी को भी तरसेंगे देखना
वो जो खड़े हुए हैं अभी तीरगी के साथ

इस दौर में वली की तरह है वो आदमी
वो आदमी जो मिलता है सब से ख़ुशी के साथ
…..

उसे जगाने जो सूरज के घर से आती है
वो रोशनी भी उसी के असर से आती है

सितारे डूबने लगते हैं उसकी राहों में
अजब सी रोशनी उसकी डगर से आती है

मैं मुश्किलों के असर से कभी नहीं डरता
थकान तो मुझे आसाँ सफ़र से आती है

मेरा मकान महकता है रात होते ही
मैं जानता हूं ये ख़ुशबू किधर से आती है

रईस तुमने जहां पर चराग़ रक्खा है
हवा हमेशा उसी रहगुज़र से आती है

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