देशमध्य प्रदेशहोम

किसानों की सहमति के बिना खेतों में टावर निर्माण तत्काल रोका जाए  मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग किसानों को अडानी कम्पनी चार गुना मुआवजा दे -अजय सिंह

भोपाल। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र में पावर ट्रांसमिशन परियोजना के लिए किसानों की सहमति के बिना उनके खेतों में जबरन टावर बनाये जाने को पूरी तरह गैर-कानूनी, दमनकारी और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।

अजय सिंह ने कहा कि अडानी की कम्पनी के लोग खेतों में जबरन घुसकर किसानों की खड़ी फसलों  को बर्बाद कर रहे हैं| ऊपरी पहुँच बताकर उनके द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा है| विरोध करने पर किसानों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियों दी जा रही है| उन्होंने कहा कि भले ही कम्पनी की पहुँच ऊपर तक हो लेकिन इस कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी इस संबंध में बात की है और कहा है कि जब तक किसानों की सहमति और मुआवजे का निपटारा नहीं हो जाता तब तक मुख्यमंत्री प्रकरण में हस्तक्षेप कर महान पावर ट्रांसमिशन परियोजना के लिए टावर लगाने का काम तुरंत रोकें|

अजय सिंह ने कहा कि किसान सरकार के दिशा निर्देशों का पालन कर उन्हें वर्तमान बाजार मूल्य से चार गुना ज्यादा मुआवजा मांग रहे हैं| उनकी यह मांग नियमानुसार है। फिर शासन प्रशासन उनके साथ कम्पनी के दबाव में मनमानी और तानाशाही क्यों कर रहा है? उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पर लगाम लगाने की मांग की है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों के लिए आर पार की लड़ाई लड़ेगी| अगर किसानों  के हक पर डाका डाला गया, तो पूरे क्षेत्र में चक्का जाम और जन-आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।