महाकाल के आशीष से रोशन हुआ उज्जैन, मिला प्रथम पुरस्कार - Samacharline.com

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा मिनी स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट सहित विभिन्न विकास कार्यों का किया शुभारंभ एवं शिलान्यास, खिलाड़ियों को खेल किट एवं पुरस्कार किए वितरित, युवाओं से खेल, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का किया आह्वान

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, क्रिटिकल केयर ब्लॉक,...

सीएम धामी ने बनबसा में 11 फीट ऊंची श्री हनुमान प्रतिमा का किया अनावरण, ‘नशामुक्ति सद्भावना दौड़’ को दिखाई हरी झंडी, पाटनी तिराहे का नाम ‘हनुमान चौक’ करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

युवाओं से नशे से दूर रहकर...

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस एवं देवभूमि रजत जयंती पार्क का किया लोकार्पण

विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा...

उज्जैनदेशप्रकाश त्रिवेदीहोम

महाकाल के आशीष से रोशन हुआ उज्जैन, मिला प्रथम पुरस्कार

उनका मन,मस्तिष्क रोशन है,उनका कार्य,व्यवहार रोशन है, उनके अचार विचार भी रोशन है। उज्जैन के कलेक्टर और महाकाल के परम भक्त रोशन कुमार सिंह का लोक जीवन ही उनके गुणानुवाद से रोशन है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर परिष्कृत सर्विलांस प्रणाली को साकार कर रोशन कुमार सिंह ने अपने नवाचार को दिल्ली तक रोशन कर दिया है।

राष्ट्रीय ई गवर्नेंस अवार्ड मिलना उनकी प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाणीकरण ही है। त्रिनेत्र प्रणाली से मंदिर की सुरक्षा, सर्विलांस, श्रद्धालुओं की सुविधा और पूरे परिसर की निगरानी सुनिश्चित हुई। उज्जैन को बहुत अरसे बाद विजनरी कलेक्टर मिला है। उनकी बुद्धिमत्ता, मेहनत और समन्वित प्रयास का परिणाम है कि महाकाल मंदिर प्रबंधन की न केवल तारीफ हो रही है, वरन पुरुस्कार भी मिल रहा है।

मध्यप्रदेश के दूरदर्शी मुख्यमंत्री ने रोशन कुमार सिंह की प्रतिभा औऱ कार्यनिष्पादन क्षमता को परखा और पहचाना। एक से बड़कर एक नाम होने के बाद मुख्यमंत्री जी ने उज्जैन को रोशन करने का काम रोशन कुमार सिंह को दिया। रोशन कुमार सिंह समयबद्धता, सही समझ और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में माहिर हैं।
प्रशासनिक दक्षता, परस्पर संवाद,प्रशासनिक समन्वय और व्यवहारिक कठोरता,के साथ वे उज्जैन में सिंहस्थ कार्यो के साथ साथ राजस्व,कानून व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं पर पूरे मनोयोग से काम करते हैं।

त्रिनेत्र प्रणाली को राष्ट्रीय पुरुस्कार मिलने पर उनको और उनकी चयनित टीम को हार्दिक बधाई तो बनती ही है।

-प्रकाश त्रिवेदी
संपादक