उनका मन,मस्तिष्क रोशन है,उनका कार्य,व्यवहार रोशन है, उनके अचार विचार भी रोशन है। उज्जैन के कलेक्टर और महाकाल के परम भक्त रोशन कुमार सिंह का लोक जीवन ही उनके गुणानुवाद से रोशन है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर परिष्कृत सर्विलांस प्रणाली को साकार कर रोशन कुमार सिंह ने अपने नवाचार को दिल्ली तक रोशन कर दिया है।
राष्ट्रीय ई गवर्नेंस अवार्ड मिलना उनकी प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाणीकरण ही है। त्रिनेत्र प्रणाली से मंदिर की सुरक्षा, सर्विलांस, श्रद्धालुओं की सुविधा और पूरे परिसर की निगरानी सुनिश्चित हुई। उज्जैन को बहुत अरसे बाद विजनरी कलेक्टर मिला है। उनकी बुद्धिमत्ता, मेहनत और समन्वित प्रयास का परिणाम है कि महाकाल मंदिर प्रबंधन की न केवल तारीफ हो रही है, वरन पुरुस्कार भी मिल रहा है।
मध्यप्रदेश के दूरदर्शी मुख्यमंत्री ने रोशन कुमार सिंह की प्रतिभा औऱ कार्यनिष्पादन क्षमता को परखा और पहचाना। एक से बड़कर एक नाम होने के बाद मुख्यमंत्री जी ने उज्जैन को रोशन करने का काम रोशन कुमार सिंह को दिया। रोशन कुमार सिंह समयबद्धता, सही समझ और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में माहिर हैं।
प्रशासनिक दक्षता, परस्पर संवाद,प्रशासनिक समन्वय और व्यवहारिक कठोरता,के साथ वे उज्जैन में सिंहस्थ कार्यो के साथ साथ राजस्व,कानून व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं पर पूरे मनोयोग से काम करते हैं।
त्रिनेत्र प्रणाली को राष्ट्रीय पुरुस्कार मिलने पर उनको और उनकी चयनित टीम को हार्दिक बधाई तो बनती ही है।
-प्रकाश त्रिवेदी
संपादक

