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भोपाल। नरसिंहपुर जिले के दिव्यांग नेशनल एथलीट मनमोहन सिंह लोधी तीन दिनों से राजधानी की सड़कों पर भीख मांगकर अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं।
मनमोहन का दावा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मन की बात कार्यक्रम में नेशनल स्तर पर पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ी को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन एक साल तक भोपाल में चक्कर काटने के बाद भी अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है। अपनी मांग मंगवाने के लिए वह तीन दिनों से भोपाल के बोर्ड आफिस और मुख्यमंत्री निवास के आस-पास भीख मांगकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं।
बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मनमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री अपना वादा को निभाएं और कम से कम चपरासी की नौकरी ही दिलवा दें, जिससे मेरा गुजारा हो सके। मनमोहन फिलहाल एक रैन बसेरा में ठहरे हुए हैं। मनमोहन ने बताया कि मुझे दिन भर में 250-300 रुपए की सहायता मिल जाती है, कई अच्छे लोग मिल जाते है। यह सब मैं खुशी से नहीं कर रहा हूं, यह मेरी मजबूरी है। कई अच्छे लोग मिल जाते है, जो मेरी मदद कर रहे है।
गुजरात में जीता था रजत पदक
मनमोहन ने बताया कि पिछले साल गुजरात में स्पेशल ओलिंपिक गेम्स में 100मी. फर्राटा दौड़ में मैंने रजत पदक जीता था। इसके अलावा जिला और राज्यस्तर पर कई पदक जीत चुका हूं।