छत्तीसगढ़ : महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में...
गुरुग्राम। रविवार देर रात्रि तक ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित इंडियन एमेच्योर...
उज्जैन। डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प अंतर्गत आयोजित...

उज्जैन। शहरवासियों के लिए मुस्कुराने वाली खबर है। शहर में जलापूर्ति का मुख्य केंद्र गंभीर जलाशय लबालब भरा गया है। दो साल बाद बनी इस स्थिति से पीएचई की जल प्रदाय की चिंता खत्म हो गई है। अफसरों का कहना है कि साल 2016 में गंभीर लबालब हुआ था। इसके बाद साल 2017 में गंभीर 78 फीसद ही भराया था।
इस वर्ष 2250 एमसीएफटी क्षमता वाले हमारे गंभीर जलाशय में 2214 एमसीएफटी पानी एकत्र हो गया है, जो गत वर्ष के मुकाबले 483 एमसीएफटी अधिक है। यानी गंभीर में अब इतना पानी है कि पूरे साल 8 एमसीएफटी प्रतिदिन खपत के हिसाब से रोज शहर में जल सप्लाई किया जा सकता है। स्थिति यह है कि अब गंभीर नदी क्षेत्र में 1-2 इंच भी अच्छी बारिश हो गई तो गंभीर डेम के गेट खोलना पड़ सकते हैं।
– 24 घंटों में गंभीर में 16 एमसीएफटी पानी बढ़ा। वजह गंभीर नदी से जुड़े इंदौर के यशवंत सागर डेम के गेट सोमवार रात घंटेभर के लिए 1.20 मीटर खोल देना रही।
– उज्जैन की औसत बारिश 36 इंच है और 4 सितंबर की स्थिति में अब तक इस वर्षाकाल में 29 इंच बारिश हो चुकी है। ये इसी तारीख की स्थिति में गत वर्ष हुई बारिश के मुकाबले 4 इंच अधिक है।
– वर्षाकाल 15 सितंबर तक माना गया है। अनुमान है कि आगामी दिनों में औसत बारिश का कोटा पूरा हो जाएगा।