उज्जैन सिंहस्थ 2028 : स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ की पार्किंग व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया
उज्जैन। स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ 2028 के दौरान बाहर से आने...
उज्जैन। स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ 2028 के दौरान बाहर से आने...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय...
Prime Minister Narendra Modi has praised this initiative. Dr. Yadav repeatedly emphasizes...

नई दिल्ली। साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की सफल मेजबानी के बाद भारत में कोई बड़ा खेल आयोजन नहीं हुआ। इसे देखते हुए भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने साल 2032 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा पेश किया है। आईओए ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) को पत्र लिखा है और 2032 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की इच्छा जताई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईओए ओलंपिक की मेजबानी को लेकर काफी गंभीर है। इसी कारण एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने IOC के प्रमुख थॉमस बाक से संपर्क किया है। IOC ने भी भारत की तरफ से की गई पहल का स्वागत किया है।
आपको बता दें कि आईओए 2032 ओलंपिक की मेजबानी के लिए IOC को पत्र लिख चुका है। इसके बाद आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने जैक्लीन बार्रेट की अध्यक्षता वाली IOC की तीन सदस्यीय बोली समिति से इस महीने की शुरूआत में मुलाकात की थी
इसके बाद मेहता ने कहा- हम 2032 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर काफी गंभीर हैं इसलिए हमने पहले ही IOC को पत्र लिखकर अपनी इच्छा बता दी है। IOC समिति से मेरी मुलाकात भी हो चुकी है और समिति ने भी हमारी इच्छा का सम्मान किया है। इसके साथ ही समिति ने ये भी कहा कि भारत को बहुत पहले ही ओलंपिक की मेजबानी करनी चाहिए थी।