ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਤੋਂ 2,800 ਨਵੇਂ ਡਿਪੂ ਹੋਲਡਰਾਂ ਨੂੰ ਲਾਇਸੈਂਸ ਸੌਂਪ ਕੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ਦਾ ਨਵਾਂ ਰਾਹ ਖੋਲ੍ਹਿਆ ਹੈ
ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਤੋਂ 2,800 ਨਵੇਂ ਡਿਪੂ...
ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਤੋਂ 2,800 ਨਵੇਂ ਡਿਪੂ...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार...

भोपाल। सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे देशभर के 202 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए 20 मिनट पहले पहुंचने का नया नियम लागू करने जा रही है। इसमें मध्य प्रदेश के भोपाल और इटारसी स्टेशन भी शामिल हैं। इस नियम के तहत अब यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए ट्रेन छूटने के टाइम से 20 मिनट पहले रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा, अगर वे लेट हुए तो इंट्री नहीं दी जाएगी।
इस व्यवस्था के तहत रेलवे स्टेशनों को चारदीवारी से घेरा जाएगा। और आरपीएफ के जवानों को स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा। इसके बावजूद यदि कुछ जगह छूट जाती है तो उसको गेट लगाकर कवर किया जाएगा।
रेलवे स्टेशन के हर पाईंट पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, लेकिन यहां पर यात्रियों को सिर्फ कुछ समय पहले आना होगा, जिससे उनका वक्त जाया न हो। सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बावजूद मौके पर सुरक्षाकर्मी नहीं रहेंगे।
रेलवे में सुरक्षा का यह नया सिस्टम 2016 में स्वीकृत एकीकृत सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा है। फिलहाल प्रयाग महाकुंभ के मद्देनजर प्रयाग और कर्नाटक के हुबली रेलवे स्टेशन पर यह व्यवस्था लागू की गई है।
इस व्यवस्था से रेलवे स्टेशन सीसीटीवी कैमरा, एक्सेस कंट्रोल, बैगेज स्क्रेनिंग सिस्टम और बम की पहचान और उसको निष्क्रिय करने वाले संसाधनों से लैस रहेंगे। इस पूरे सिस्टर की प्रति स्टेशन लागत करीब 385.06 करोड़ रुपए है।
इसके साथ ही इसकी सबसे अहम बात फेस रिकोजिनेशन सॉफ्टवेअर की रहेगी, जिससे किसी कुख्यात अपराधी के रेलवे स्टेशन पर इंट्री होते ही उसकी आरपीएफ को जानकारी मिल जाएगी। जांच की यह पूरी व्यवस्था हर आठ या नौ यात्री में से एक पर लागू होगी।