Free and fair elections in Viksit Bharat -Aditya Trivedi
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नई दिल्ली:
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) वनुआटू (Vanuatu) की नागरिकता हासिल करने की फिराक में था. वेस्टमिन्स्टर कोर्ट (Westminster Court) की चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा आरबुथनोट के मुताबिक नीरव मोदी वनुआटू का नागरिक बनने की कोशिश कर रहा था और किसी तरह से अपना कारोबार चलाने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा कि यह संकेत मिलता है कि वह जांच शुरू होने से पहले भारत से भागने की फिराक में था. नीरव ने जब यह सुना तो उसका चेहरा रुआंसा हो गया. शुक्रवार को कोर्ट ने नीरव मोदी जमानत याचिका को रद्द कर दिया था. यह दूसरी बार है जब कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को रद्द कर दिया था. जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 26 अप्रैल को है और तबतक वह जेल में रहेगा. कोर्ट में नीरव मोदी की अगली सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. बता दें कि वनुआटू दक्षिण प्रशांत महासागर का एक छोटा सा द्वीप है.
कोर्ट ने कहा कि उसे पता चला है कि नीरव ने वनुआटू की नागरिकता हासिल करने के लिए 1 करोड़ 38 लाख 95 हजार 843 रुपये देने की पेशकश की थी. उसने 2017 के अंत में वनुआटू की नागरिकता लेने की कोशिश की थी लेकिन उसे मना कर दिया गया था. नीरव मोदी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि क्लेयर मोंटगोमेरी क्यूसी ने उसे 8 करोड़ 06 लाख 04 हजार 508 रुपये की जमानत सिक्योरिटी का ऑफर दिया है. मजिस्ट्रेट चीफ एम्मा आरबुथनोट ने कहा कि क्लेयर का ऑफर पर्याप्त नहीं है. यह मामले का शुरुआती चरण है और गवाहों के बयानों में एकरूपता नहीं है. इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती.