बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना डॉ.मुफद्दल सैफुद्दीन देवास आए, पलक-पावड़े बिछाकर किया स्वागत, 300 वर्ष पुरानी नजमी मस्जिद का उद्घाटन - Samacharline.com
उज्जैनदेवासभोपालमध्य प्रदेश

बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना डॉ.मुफद्दल सैफुद्दीन देवास आए, पलक-पावड़े बिछाकर किया स्वागत, 300 वर्ष पुरानी नजमी मस्जिद का उद्घाटन

बोहरा समाज के धर्मगुरु आए देवास
मौला-मौला से गूंज उठा क्षेत्र

देवास। बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना डॉ.मुफद्दल सैफुद्दीन बुधवार को देवास आए। सैयदना साहब के आते ही शहर में मौला-मौला गूंज उठा। उनके एक दीदार के लिए समाजजन आतुर दिखे। मुख्यमंत्री की ओर से अगवानी लोक निर्माण एवं पर्यावरण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने क्षिप्रा पहुंचकर की तथा शाल व गुलदस्ता भेंट कर सैयदना साहब का स्वागत किया।
सैयदना साहब के देवास में दूसरी बार आए है, 17 वर्षों के पूर्व यहाँ आये थे। वर्षो के बाद यहाँ आने को लेकर समाज में काफी उत्साह देखा गया। समाजजन उनके स्वागत के लिए पलक-पावड़े बिछाकर प्रतीक्षा कर रहे थे तथा पिछले कई दिनों से उनके स्वागत की तैयारी में लगे थे। नावेल्टी चौराहे स्थित बोहरा मस्जिद को रंग-रोगन कर आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की गई थी।
500 गार्ड ने दी सुरक्षा
बोहरा समाज के धर्म गुरु 17 वर्षों बाद देवास आए जहाँ समाजजनों ने उनके स्वागत के लिए जमकर तैयारी की, वहीं समाज के 500 से ज्यादा बुरहानी इंटरनेशनल गार्ड्स ने पुलिस के साथ मिल कर उन्हें सुरक्षा दी। यह गार्ड्स इंदौर, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास से आये थे। इनमे महिला सुरक्षा गार्ड भी तैनात थी। यहाँ पर उन्होंने मौजूद श्रद्धालुओ को वाअज (प्रवचन) दिए। आज वह पठानकुंवा स्थित 300 वर्ष पुरानी नजमी मस्जिद का उद्घाटन करेंगे। बताया गया है कि यहाँ पर मस्जिद का जीर्णोधार किया गया है।
पुलिस जवान दे रहे थे निगरानी
आज सुबह स्थानीय नॉवेल्टी चौराहे स्थित बोहरा समाज की मस्जिद में उनके धर्मगुरु सैय्यदना साहब आये थे। उनकी सुरक्षा के लिए समाज के गार्ड्स तो थे ही सही साथ ही पुलिस अधीक्षक, एडिशनल एसपी, सीएसपी सहित पांचों थाने का पुलिस बल मौजूद रहा। इसके साथ ही पुलिस के कुछ जवान दूरबीन लेकर मस्जिद के सामने दुकानों की छत पर तैनात दिखाई दिए।
सफाई का रखा पूरा ध्यान
धर्मगुरु के आने से पूर्व यहाँ पर समाजजनों की भारी भीड़ हो गई थी। जिसके चलते गर्मी की तपन के बीच बैठे श्रद्धालुओं ने पीने के पानी की बोतलें लेकर आये थे, यहाँ-वहाँ फेंके नही इस हेतु समाज का एक सेवक सैफुद्दीन फैज ने कमर में दो थैलिया टांग रखी थी, जिसमे सूखा कचरा, व गिला कचरा उन थैलियों में लोग डाल रहे थे। सैफुद्दीन फैज ने बताया कि वह धर्मगुरु जहाँ भी जाते है वहाँ पर वह इस प्रकार की सेवा देते है, साथ ही झाड़ू भी लगाते है। इसके अलावा वह भी भोपाल के नूरमहल में वॉलपेपर का व्यापार करते है।

Digital AD 250x300-2