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विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर...
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने...
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उत्तरी अफ्रीकी राष्ट्र सूडान की सरकार ने 30 साल के इस्लामी शासन को खत्म करते हुए धर्म को अलग करने की बात पर सहमति व्यक्त की है. सूडान के प्रधानमंत्री अबदुल्ला हमदोक और सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ विद्रोही समूह के नेता अब्दुल-अजीज अल हिलु ने घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान के प्रधानमंत्री अबदुल्ला हमदोक और सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ विद्रोही समूह के नेता अब्दुल-अजीज अल हिलू के बीच गुरुवार को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए.
समझौते के तहत घोषणा पत्र में लिखा है कि सूडान के एक लोकतांत्रिक देश बनने के लिए, जहां सभी नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाता है. यहां संविधान को धर्म और राज्य के अलगाव के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए. जिसके अभाव में आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करना चाहिए.
यह समझौता सरकार और विद्रोही गुटों के बीच पीस डील के एक हफ्ते के अंदर हुआ है. इसके कारण सूडान के दारफुर और अन्य इलाकों में जारी हिंसा के थमने की उम्मीद भी की जा रही है.
इससे पहले सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ के दो गुटों में से एक ने धर्मनिरपेक्ष प्रणाली के बिना शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था. बता दें कि अमेरिका ने 1993 में सूडान को आतंकवादी प्रायोजक घोषित कर दिया था और बाद में साल 2017 तक प्रतिबंध लगाए.