कृष्ण : संकटों के बीच जीवन का शाश्वत समाधान
-प्रकाश त्रिवेदी विश्व आज राजनीतिक अस्थिरता,...
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हमें ईमानदारी से यह देखना होगा...

अगर आप नौकरीपेशा हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े हैं तो आपके लिए कल यानी बुधवार का दिन अहम हो सकता है. दरअसल, बुधवार को ईपीएफओ की अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में एक अहम मुद्दे पर बात हो सकती है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर वर्ष 2019-20 के लिए 8.5 प्रतिशत ब्याज दिए जाने के निर्णय की मंजूरी का मामला उठाया जा सकता है.
ईपीएफओ से जुड़े एक अहम सदस्य ने कहा कि हम ब्याज दर के मंजूरी में विलम्ब का मुद्दा इस बैठक में उठाएंगे. यह मुद्दा बैठक की कार्यसूची में नहीं है पर हम इसे उठा सकते हैं.
आपको बता दें कि ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने पांच मार्च की बैठक में ईपीएफ पर 2019-20 के लिए ब्याज दर 8.50 प्रतिशत रखने की सिफारिश की थी जो पहले से 0.15 प्रतिशत अंक कम है. ईपीएफओ की यह प्रस्तावित दर सात साल की न्यूनतम होगी.
केंद्रीय न्यासी बोर्ड के इस निर्णय को वित्त मंत्रालय की सहमति के लिए भेज दिया गया था पर अभी तक वित्त मंत्रालय से उसकी मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है. वित्त मंत्रालय की सहमति से ही ईपीएफ पर वार्षिक ब्याज दर में संशोधन का फैसला लागू होता है. इससे पहले वर्ष 2018-19 के लिए ईपीएफ खाताधारकों को अपने जमा धन पर 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज मिला था.