किसानों को सुविधा सम्पन्न बनाना ही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा...
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदोन्नति प्राप्त...
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आप यदि अपने बैंक की जगह किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसा निकालते हैं तो फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर आपका ज्यादा पैसा कटेगा. अपने बैंक के एटीएम में भी फ्री ट्रांजैक्शन का लिमिट पार करने पर आपको अब ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा.
अब बैंक कस्टमर्स के लिए एटीएम से किसी महीने में फ्री लिमिट से ज्यादा का लेनदेन महंगा पड़ेगा. रिजर्व बैंक ने ग्राहकों से लिए जाने वाले कस्टमर चार्ज और गैर बैंक एटीएम चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से लेनदेन पर इंटरचेंज फीस बढ़ा दिया है. इसका मतलब यह है कि आप यदि अपने बैंक की जगह किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसा निकालते हैं तो फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर आपका ज्यादा पैसा कटेगा. यह बढ़त 1 अगस्त, 2021 को लागू होगा.
कस्टमर चार्ज बढ़ाया
इसी तरह रिजर्व बैंक ने कस्टमर चार्ज की सीमा भी प्रति ट्रांजैक्शन 20 से बढ़ाकर 21 रुपये कर दी है. इसका मतलब यह है कि अपने बैंक के एटीएम में भी फ्री ट्रांजैक्शन का लिमिट पार करने पर आपको अब ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा. रिजर्व बैंक ने कहा कि ये नए चार्ज कैश रीसाइक्लर मशीन के लिए भी लागू होंगे. हालांकि यह बढ़त 1 जनवरी, 2022 से लागू होगी
रिजर्व बैंक ने सभी बैंक एटीएम में वित्तीय लेनदेन के लिए इंटरचेंज फीस 15 से बढ़ाकर 17 रुपये कर दिया है. इसी तरह गैर वित्तीय ट्रांजैक्शन के लिए फीस 5 से बढ़ाकर 6 रुपये कर दी गई है. वित्तीय ट्रांजैक्शन का मतलब पैसा निकालने से है, इसी तरह गैर वित्तीय ट्रांजैक्शन का मतलब बैलेंस पता करना आदि है.
सीमा से ज्यादा ट्रांजैक्शन महंगा
गौरतलब है कि ग्राहकों से दूसरे बैंक के एटीएम से हर महीने मेट्रो शहरों में तीन बार और गैर मेट्रो शहरों में पांच बार ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता. इसके बाद यह चार्ज लगता है. यानी अगर इस सीमा से ज्यादा आपने ट्रांजैक्शन किया तो अब वह महंगा पड़ेगा.
जून 2019 में इंडियन बैंक एसोसिएशन के प्रमुख की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित की गई थी. उसी के सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव किया गया है. एक बयान में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘समिति की सिफारिशों पर व्यापक तौर पर विचार किया गया. यह भी देखा गया कि एटीएम ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज फीस में इसके पहले बदलाव अगस्त 2012 में किया गया था. इसी तरह कस्टमर से लिए जाने वाले चार्ज में पिछली बार बदलाव अगस्त 2014 में हुआ था.’
गौरतलब है कि बैंक अपने ग्राहकों को अपने एटीएम से एक निश्चित सीमा तक ट्रांजैक्शन फ्री देते हैं, उसके बाद उस पर भी चार्ज लगाते हैं. रिजर्व बैंक का कहना है कि ग्राहकों को अपने बैंक एटीएम से हर महीने पांच ट्रांजैक्शन वित्तीय या गैर वित्तीय ही फ्री में उपलब्ध होगा.