मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 8 जून को हरियाणा से सोमनाथ के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 11 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब...
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चंडीगढ़, 11 मई – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब...
नई दिल्ली, 11 मई 2026: रिलायंस फाउंडेशन और...

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) से उसकी बहन पूर्वा मोदी (Purva Modi) की मदद से 17.25 करोड़ रुपये वसूल कर लिए हैं. यह राशि यूके बैंक अकाउंट से भारत सरकार के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई है.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) से उसकी बहन पूर्वा मोदी (Purva Modi) की मदद से अपराध के 17.25 करोड़ रुपये वसूल कर लिए हैं. पंजाब नेशनल बैंक (PNB Scam) धोखाधड़ी मामले में पूर्वा मोदी और उनके पति मयंक मेहता के नाम को क्लीयरेंस मिलने के कुछ महीने बाद ऐसा हुआ है. नीरव मोदी 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी है और फिलहाल लंदन की जेल में बंद है.
ईडी ने एक बयान में कहा कि पूर्व मोदी ने यूके के एक बैंक खाते से भारत सरकार के बैंक खाते में 2316889.03 डॉलर (लगभग 17.25 करोड़ रुपये) की राशि भेजी है. बता दें कि नीरव मोदी के खिलाफ मामले में पूर्वा मोदी और उनके पति मयंक मेहता को शुरुआत में आरोपी बनाया गया था. हालांकि, 4 जनवरी, 2021 को एक विशेष पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें इस शर्त पर माफ कर दिया कि वे नीरव मोदी मामले से जुड़े पहलुओं का पूरा और सही खुलासा करेंगे. इस प्रकार दंपति को इस मामले में अप्रूवर की तरह माना गया है.
एजेंसी के बयान के अनुसार, ”24 जून को, पूर्वा मोदी ने ईडी को बताया कि उन्हें लंदन में उनके नाम पर एक बैंक अकाउंट की जानकारी मिली है, जो उनके भाई नीरव मोदी के कहने पर खोला गया था. इस पैसे का ताल्लुक उनसे नहीं है.” बयान में आगे बताया गया है कि चूंकि, पूर्वा को पूरा और सही खुलासा करने की शर्तों पर माफ किया गया था, इसलिए इसलिए उन्होंने अपने यूके बैंक अकाउंट से भारत सरकार के बैंक खाते में 2316889.03 डॉलर की राशि भेज दी.
ईडी ने बयान में कहा, ”पूर्वा मोदी की मदद से प्रवर्तन निदेशालय नीरव मोदी की अपराध की आय से लगभग 17.25 करोड़ रुपये की वसूली करने में सफल हुआ.” मालूम हो कि नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक घोटाले मामले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में भारत का वॉन्टेड है. सरकार और केंद्रीय एजेंसियां लगातार उसे वापस भारत लाने के लिए कोशिशें कर रही हैं. वह प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई भी हार चुका है.