Heat-Not-Burn (HNB) Devices MNCs Playing a Dangerous Game with Youth Psyche: Manav Rachna School Ex Principal Calls for Policy Overhaul
New Delhi, May 2026 — Raising serious concerns...
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। दो दिन पहले बीरभूम में टीएमसी नेता की हत्या के बाद 10 लोगों को जिंदा जलाए जाने का मामला अभी तक ठंडा भी नहीं हुआ है कि इस बीच नदिया जिले में एक और टीएमसी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मामला बुधवार रात का है। पीड़ित का नाम सहदेव मंडल बताया जा रहा है। वहीं हुगली के तारकेश्वर में तृणमूल की महिला पार्षद को कार से रौंदने की कोशिश की गई है। महिला पार्षद रूपा सरकार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पश्चिम बंगाल में पिछले महीने नगर निकायों के चुनाव हुए थे। इसके बाद से लगातार राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले सोमवार को बीरभूम के रामपुरहाट में टीएमसी नेता की हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में टीएमसी नेता भादू शेख की हत्या के बाद 21 मार्च को पूरे जिले में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में कुल 10 लोगों को जिंदा जलाकर मार दिया गया था। इस दौरान घरों को बाहर से बंद कर आग लगा दिया गया था, जिसमें कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे।
इस घटना के बाद भादू शेख के भाई नूर अली गांव से पलायन की तैयारी कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता भादू शेख की हत्या के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया था। जिस स्थान पर आगजनी की घटना हुई है उसी स्थान पर नूर अली का घर है। बता दें कि नूर अली के साथ ही भादू शेख के दूर के रिश्तेदार खैरूल भी परिवार को गांव से बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं। खैरूल ने अपने परिवार की दुर्दशा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।