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1.25 करोड़ बहनों के खातों में आएंगे एक-एक हजार रुपये, आज सीएम जबलपुर से करेंगे ट्रांसफर

Ladli Behna Yojana First Installment Date: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जबलपुर मुख्यालय से आज शाम 6 बजे राज्य स्तरीय समारोह में लाडली बहनों से संवाद करेंगे और सिंगल क्लिक से राशि ट्रांसफर करेंगे।

विस्तार

मध्य प्रदेश में आज (10 जून) एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश की गरीब एवं मध्यम वर्ग की सवा करोड़ बहनों के जीवन में उजास लाने के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना से एक-एक हजार रुपये उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जबलपुर मुख्यालय से शाम 6 बजे राज्य स्तरीय समारोह में बहनों से संवाद करेंगे और सिंगल क्लिक से राशि ट्रांसफर करेंगे।

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इस योजना के प्रति महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। उसी का परिणाम है कि पांच मार्च को मुख्यमंत्री चौहान ने योजना की घोषणा की और सिर्फ 35 दिन में 1.25 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों का परीक्षण कर पात्र आवेदकों के खातों का केवाइसी का कार्य युद्ध स्तर पर करवाया गया। परिणाम स्वरूप एक जून से पात्र बहनों को स्वीकृति-पत्रों का वितरण भी अभियान चलाकर किया गया। प्रदेश की बहनों को इंतजार है 10 जून की शाम 6 बजे का, जब मुख्यमंत्री चौहान सभी पात्र बहनों के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपये की राशि ट्रांसफर करेंगे। इस दिन और समय को यादगार बनाने के लिए सभी जिलों में अनेक गतिविधियों के साथ उत्सव का माहौल रहेगा।

प्रदेश में उत्सवी माहौल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि “मैं बहन-बेटियों के सारे आंसू पी जाना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि उनका जीवन सुख-आनंद और प्रसन्नता से भरा हो। उन्हें आगे बढ़ने के सारे मौके मिलें।” रोजमर्रा के जीवन की छोटी-मोटी जरूरतों और मन की इच्छा का खर्चा, बहनें बिना चिक-चिक, बिना रोका-टोकी और बिना कठिनाई के कर सकें, इसीलिए उन्हें हर महीने 1000 रुपये उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना आरंभ की गई। बहनों का आत्म-सम्मान भी बढ़ेगा और आत्म-विश्वास भी।

नर्मदा जयंती पर हुई शुरुआत
मुख्यमंत्री चौहान ने नर्मदा जयंती और नर्मदापुरम के गौरव दिवस 28 जनवरी 2023 को प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लागू करने की घोषणा की थी। योजना में सभी वर्गों की गरीब बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये मिलेंगे। यदि उन्हें अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है तो वह पहले की तरह मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री ने अपने जन्म-दिन पांच मार्च को भोपाल के जम्बूरी मैदान से मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना लागू करने और उसके कार्यक्रम की घोषणा की।

यह है पात्रता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है, जिनके पास पांच एकड़ से कम भूमि है और जिन परिवारों में कोई आयकरदाता नहीं है ऐसे परिवारों की 23 से 60 आयु वर्ग की बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये डाले जाएंगे। योजना में परिवार का आशय पति-पत्नी और बच्चे हैं। जिन बहनों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाने में मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने योजना में आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बहन कविता का आवेदन स्वयं भरवाया। उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए समग्र आईडी नम्बर और आधार नम्बर जरूरी है। मूल निवासी और आय प्रमाण पत्र आदि की आवश्यकता नहीं है।

लाडली बहना सेना देगी बहनों को ताकत
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की ओर अगला कदम बढ़ाते हुए बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए लाड़ली बहना सेना भी बनाई जाएगी। यह सेना बहन-बेटियों की सुरक्षा, उनके मान-सम्मान के लिए तो काम करेगी ही, शासकीय योजनाओं का लाभ दिलवाने और बहनों को आगे बढ़ने में मदद भी करेगी।

लोक गीतों से लेकर सोशल मीडिया तक
शिवराज ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि प्रदेश के सभी गांवों और वार्डों में निवासरत बहनों को योजना की जानकारी मिले और कोई भी पात्र बहन आवेदन से वंचित न रहे। नुक्कड़ नाटकों, लोक गीत, लोक नृत्यों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रेडियो जिंगल, होर्डिंग, समाचार-पत्र और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से हर मोहल्ले, गली-कूचे तक योजना के लिए वातावरण बनाया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी प्रदेश के 24 जिलों में जाकर महिला सम्मेलनों के जरिये बहनों से संवाद किया। इनमें बैतूल, खंडवा, ब्यौहारी, शहडोल, मुरैना, रतलाम, शुजालपुर जिला शाजापुर, पानसेमल, बड़वानी, सीधी, टिमरनी हरदा, केवलारी -सिवनी, मण्डला, जोबट- अलीराजपुर, सीतामऊ- मंदसौर, रामनगर- सतना, पृथ्वीपुर- निवाड़ी, सोनकछ देवास, गंधवानी धार, उमरिया, डिंडोरी, छतरपुर, झाबुआ, बालाघाट और बम्हौरी रायसेन शामिल हैं, जहां शिवराज ने बहनों से सीधा संवाद किया।

मुख्यमंत्री स्वीकृति-पत्र लेकर पहुंचे बहन के घर 
मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल, इंदौर और झाबुआ में बहनों के घर जाकर योजना के स्वीकृति-पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में जन-प्रतिनिधियों ने भी घर-घर जाकर बहनों को स्वीकृत-पत्र दिए। योजना में अब तक एक करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों ने पंजीयन करा लिया है। पंजीयन कराने वाली प्रदेश की लगभग 91 प्रतिशत महिलाओं के डीबीटी खाते सक्रिय हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर योजना ट्रेडिंग में है।

बताशे, आतिशबाजी और व्यंजनों से 10 जून बनेगा यादगार   
प्रदेश में लाडली बहनों के बैंक खातों में पैसा आने की खुशी अलग-अलग तरीके से अभिव्यक्त होगी। दतिया में बहनों ने आंनद उत्सव मनाने का सोचा है। महिलाएं घर से व्यंजन बना कर लाएंगी, बच्चे सितोलिया और अन्य स्थानीय खेल खेलेंगे और सब मिल बैठकर बैंड और डीजे के साथ उत्सवी वातावरण में व्यंजनों का आनंद लेंगे। उज्जैन जिले की कई पंचायतों में नुक्कड़ नाटक होंगे। टीकमगढ़ में लोक गीतों का कार्यक्रम रखा गया है। मंदसौर में कलश यात्रा निकलेगी। विदिशा के कई गाँवों में बताशे बांट कर, महिलाओं को साफा बांधकर और आतिशबाजी के साथ 10 जून के ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाया जाएगा।