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चार साल पहले उज्जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र में एक जघन्य हत्याकांड हुआ था, जिसमें एक युवक ने अपनी पत्नी और पुत्र की छुरा मारकर हत्या कर दी थी। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आठिया ने जब दूसरे दिन सरिता यादव के घर का दरवाजा बजाया तो कोई आवाज नहीं आई, तब उन्होंने दरवाजे को धक्का देकर खोला तो देखा सरिता एवं अभय खून से लतपथ मृत अवस्था में पड़े थे। उनकी मृत्यु हो चुकी थी। फिर उसने आसपास के लोगों को सूचना दी। आठिया की रिपोर्ट के आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया गया, आरोपी को घटनास्थल पर पाए गए खून से लथपथ चप्पल एवं कपड़ों के आधार पर पहचाना गया और समस्त अनुसंधान पश्चात न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर न्यायालय आरके वाणी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय जिला उज्जैन के माननीय न्यायालय ने आरोपी अनिल पिता हीरालाल यादव (25) निवासी संजय नगर आगर रोड थाना चिमनगंज जिला-उज्जैन को धारा 302 भा.द.स. में दोहरा आजीवन कारावास एवं कुल 20,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।