राज्य के पांच लाख पेंशनर्स को चार फीसदी महंगाई भत्ता, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव - Samacharline.com
होम

राज्य के पांच लाख पेंशनर्स को चार फीसदी महंगाई भत्ता, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में  कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में आज होगी। बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

विस्तार

प्रदेश सरकार चुनाव से पहले पांच लाख पेंशनर्स को बड़ी सौगात देने जा रही है। पेंशनर्स का महंगाई भत्ता चार फीसदी बढ़ाकर 42 फीसदी करने की तैयारी है। इस संबंध में मंगलवार को कैबिनेट में प्रस्ताव पर चर्चा होगी। कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेष बघेल ने सीएम शिवराज को पत्र लिखकर पेंशनर्स का महंगाई भत्ता बढ़ाने को लेकर सहमति मांगी थी। इस पर सरकार प्रदेश के पांच लाख पेंशनर्स का महंगाई भत्ता बढ़ाने  जा रही है। इसके अलावा कैबिनेट में अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
प्रदेश सरकार नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों के एक परिजन को सरकारी नौकरी और 15 लाख रुपए देने जा रही है। स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। दरअसल मप्र सरकार 26 साल बाद नक्सली आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति में बदलाव किया जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में नक्सलियों के पुनर्वास सह राहत नीति में बदलाव को लेकर भी चर्चा होगी। नक्सली आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति में संशोधन कर नक्सली को अचल संपत्ति खरीदने 20 लाख रुपए, व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए डेढ़ लाख, मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख सहित अन्य सुविधाएं देने का प्रावधान किया जा रहा है। इसके साथ ही नक्सली हिंसा में माने जाने वाले व्यक्ति के एक परिजन को मप्र सरकार सरकारी नौकरी देने के साथ 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव नई नीति में किया गया है।

1997 के बाद बदलाव
प्रदेश में नक्सलियों के आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति में 1997 में बदलाव किया गया था। वर्तमान में 1997 की नीति ही लागू है। नक्सली समस्या से प्रभावित राज्यों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना ने अपनी नीतियों में संशोधन किया है। इसके बाद मप्र सरकार भी नीतियों में संशोधन करने जा रही है। इसी तरह सुरक्षा कर्मी की मृत्यु पर उनके परिजनों को 20 लाख और शारीरिक अक्षमता पर चार लाख रुपये देने का प्रावधान किया जा रहा है। इस प्रस्ताव के साथ दर्जन भर से अधिक बिंदुओं पर कल मंत्रिपरिषद में चर्चा होगी।

जनपद-जिला पंचायद सदस्यों का मानदेय तीन गुना बढ़ेगा
जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का मानदेय बढ़ाने के बाद अब सदस्यों के मानदेय में तीन गुना वृद्धि होने जा रही है। जिला पंचायत सदस्य को साढ़े चार हजार के स्थान पर 13 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसी तरह जनपद पंचायत के सदस्यों का मानदेय डेढ़ हजार रुपये से बढ़ाकर साढ़े चार हजार रुपये किया जाएगा। इस वृद्धि से सरकार पर प्रतिवर्ष 30 करोड़ 45 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 771 जिला पंचायत सदस्य का मानदेय साढ़े 13 हजार और जनपद पंचायत सदस्य का मानदेय साढ़े चार हजार रुपये करना प्रस्तावित किया है। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जा रहा है।

7 नए कॉलेज खोलने को मिलेगी मंजूरी
कल होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 7 नए महाविद्यालय खोलने, एक महाविद्यालय में नवीन संकाय शुरू करने, नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के नए पद सृजित करने को मंजूरी दी जाएगी।

इन मुद्दों पर भी निर्णय संभव
मंत्रिपरिषद की बैठक में पुलिसकर्मियों को मिलने वाले भत्तों में वृद्धि के निर्णय का अनुमोदन, नर्सिंग कालेजों में शिक्षक सहित अन्य संवर्गों के 305 की स्वीकृति, सात नए कालेज, नए संकाय व नए विषय प्रारंभ करने के लिए 367 पदों के सृजन, पार्वती जलाशय को उत्कृष्ट मत्स्य केंद्र के रूप में विकसित करने सहित अन्य विषयों पर विचार किया जाएगा।

Page 1MP Achievement Digital AD_300X250