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विधानसभा चुनाव के ठीक पहले जबलपुर पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। करोड़ों रुपए का गांजा पकड़ने की जानकारी जब ADG को लगी, तो वे भी मौके पर पहुंच गए।
तिलवारा थाना पुलिस ने करोड़ों रुपए के गांजा को जब्त कर ट्रक ड्राइवर और हेल्पर को गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान यह गिरोह अंतरराज्यीय निकल कर आएगा।

जबलपुर पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि करीब दो करोड़ रुपए की कीमत का 1200 किलो गांजा ओडिशा से लाया जा रहा था। गांजा को ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र होते हुए हरियाणा में खपाना था। इसके अलावा राजस्थान में भी गांजा की डिलीवरी होना था।
ट्रक क्रमांक CG 08 L- 3830 को लेकर ड्राइवर महेश कुमार हेल्पर मोहम्मद खलील को साथ में लेकर 26 अगस्त को ओडिशा से निकला था।
इस दौरान गांजा से भरा ट्रक चार राज्यों को पार कर हरियाणा तक ले जाना का काम महेश को मिला था। ओडिशा से छत्तीसगढ़ को पार कर जैसे ही मध्यप्रदेश की बॉर्डर में ट्रक पहुंचा तो उसे जबलपुर पुलिस ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि ADG उमेश जोगा और SP तुषारकांत विद्यार्थी इस अभियान पर स्वयं नजर बनाए थे।

गांजा तस्कर इतने शातिर थे कि पुलिस की आंखों में धूल झोंकने को लिए पूरी तैयारी की थी। गांजा तस्कर पहले तो 5 किलो से लेकर 10 किलो, 20 किलो, 25 किलो और 30 किलो के पैकेट बनाकर रखते और फिर ट्रक में लकड़ियों के बीच इस तरह से जमाते कि किसी को शक भी नहीं होता की इन लकड़ियों के बीच करोड़ों का गांजा छिपा है।
गांजा तस्कर कई घंटों की मेहनत करके पहले तो ट्रक में बहुत ही खूबसूरती से लकड़ियां जमाते और फिर इन्हीं लकड़ियों के बीच गांजे के पैकेट जमाते। अगर ट्रक के बाहर से कोई देखें तो ऐसा लगता था कि लकड़ियां भरी है।

ट्रक में भरे दो करोड़ रुपए का जो गांजा जबलपुर पुलिस ने पकड़ा है। इस कार्रवाही के बाद से तस्करों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक ट्रक चालक को गांजा तस्कर के निर्देश रहते थे कि जब कभी पुलिस पूछताछ करें तो यही बताना है कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट का काम चल रहा है जहां इन लकड़ियों का उपयोग होना है। ऐसा कहते हुए ट्रक चालक उड़ीसा से छत्तीसगढ़ और फिर मध्यप्रदेश तक पहुंच गए थे।
गांजे से भरे ट्रक को हर राज्य से, हर जिले से बाहर करने का टास्क भी होता था। एक राज्य से दूसरे राज्य , एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचाने के लिए बाकायदा लोगों की तैनाती होती है। जैसे ही ट्रक राज्य में प्रवेश करता तो उसे दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए लोग तैनात रहते थे। इतना ही नही हर जिले में गांजा तस्कर के गुर्गे फैले रहते है। रविवार को जबलपुर पुलिस को जो जानकारी मिली थी वह बिल्कुल सही थी।
यही वजह है कि जबलपुर पुलिस ने करोड़ों रुपए का गांजा पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने ट्रक चालक के पास से टोल नाके की रसीद जब्त की है।

पूरे देश में अगर गांजे की सप्लाई कहीं से होती है तो वह राज्य है ओड़िशा।