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लाड़ली बहनाओं के लिए 450 रुपए का सस्ता सिलेंडर पाने की राह आसान नहीं हैं। क्याेंकि जिले में 3 लाख 53 हजार 417 लाड़ली बहनें हैं लेकिन गैस कनेक्शन इनमें से 50 फीसदी के नाम भी नहीं हैं। खास बात ये कि अब कनेक्शन इनके नाम ट्रांसफर हो पाएंगे या नहीं ये भी स्पष्ट नहीं है। शासन की गाइडलाइन व परिस्थितियों के आंकलन के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों का मानना हैं जिले में महज 3 से 9 हजार लाड़ली बहनों को और नए सिरे से सस्ता सिलेंडर मिलने लगेगा।
जिलेभर में करीब 38 गैस एजेंसियों के करीब 4 लाख गैस कनेक्शन के उपभोक्ता हैं। इनमें से 1 लाख 41 हजार महिला गैस कनेक्शनधारी उज्जवला योजना की हैं। जिन्हें पूर्व से ही सस्ते में गैस सिलेंडर मुहैया करवाए जा रहे है। हाल ही में शासन ने अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को भी सस्ते में गैस सिलेंडर देने का ऐलान किया है। साथ ही ये भी स्पष्ट है कि सस्ता सिलेंडर उन्हीं लाड़ली बहनाओं को मिलेगा जिनके नाम से गैस कनेक्शन होगा।
अधिकारी जब फार्म भरवाने और ऑइल कंपनियों से डाटा जुटाने लगे तो हैरत में पड़ गए। वह इसलिए कि जिन 1 लाख 41 हजार महिलाओं को पूर्व से उज्ज्वला योजना के तहत सस्ता सिलेंडर मिल रहा हैं। करीब 80 से 90 फीसदी महिलाएं तो उनमें लाड़ली बहना योजना की महिलाएं ही शामिल हैं। शेष रही 10 से 20 फीसदी लाड़ली बहनाएं तो इन सभी के नाम से गैस कनेक्शन नहीं है।
चौंका देने वाला आंकड़ा ये कि तीन दिन में करीब 700 आवेदन ही लाड़ली बहनाओं की तरफ से सस्ते सिलेंडर के लिए भरे गए है। इससे जाहिर हैं कि जो लाड़ली बहनाएं हैं उनमें से अधिकांश के नाम गैस कनेक्शन नहीं हैं और जिनके नाम से कनेक्शन है उनमें से अधिकांश पूर्व से ही उज्जवला योजना के तहत सस्ता सिलेंडर ले रही हैं।
इन तमाम आंकलन के बाद अधिकारियों का मानना है कि उज्जवला योजना में पूर्व से सस्ता सिलेंडर ले रही महिलाओं-लाड़ली बहनों को छोड़ दिया जाए तो नए सिरे से जिले में केवल 3 से 9 हजार तक लाड़ली बहनाओं को भी सस्ता सिलेंडर मिल सकेगा। इस तरह दोनों योजनाओं के तहत करीब डेढ़ लाख तक महिलाएं सस्ता सिलेंडर पाने की हकदार हो जाएंगी। सरकार द्वारा सब्सिडी जारी करने के बाद ये सिलेंडर इन्हें 450 रुपए में पड़ेगा।
पुरुष दे रहे पत्नी व मां के नाम कनेक्शन ट्रांसफर के लिए आवेदन
इधर सस्ता सिलेंडर पाने की चाह में गैस एजेंसियों पर कनेक्शन ट्रांसफर करने के आवेदन पहुंचने लगे हैं। गैस एजेंसी संचालक सुनील कछवाय ने बताया कि पुरुष अपनी पत्नी व मां के नाम कनेक्शन ट्रांसफर करवाने के आवेदन दे रहे है लेकिन ऐसा करने की परमिशन नहीं है। गैस एजेंसी संचालक भगवानदास ऐरन ने बताया कि महिलाओं के नाम से नए कनेक्शन के लिए भी आवेदन आने लगे हैं लेकिन उन्हें यह स्पष्ट किया जा रहा है कि आपको सस्ता सिलेंडर मिलेगा इसकी कोई गारंटी नहीं। क्योंकि वे शासन की घोषणा के बाद कनेक्शन लेने आ रहे है।
जिनके नाम गैस का कनेक्शन उसे ही मिलेंगे सस्ते सिलेंडर
शासन के स्पष्ट निर्देश है कि सस्ता सिलेंडर उन्हीं लाड़ली बहना को मिल सकेगा जिसके की नाम से गैस कनेक्शन हो। जिले में अधिकांश के नाम से कनेक्शन नहीं है। जिनके नाम से कनेक्शन है वे पूर्व से ही उज्जवला योजना से सिलेंडर ले रही है। अनुमान है कि जिले में 3 से 9 हजार और लाड़ली बहनों को सस्ते में सिलेंडर मिल सकेगा। आवेदन भरे जा रहे है।
नुजहत बानो बकाई, जिला आपूर्ति नियंत्रक