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शुक्रवार 17 नवंबर को मध्यप्रदेश में शांतिपूर्वक तरीके से रिकॉर्ड मतदान हुआ। प्रदेश की करीब 230 सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। अब प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 3 दिसंबर को होगा। जिसका इंतजार एमपी की जनता बड़ी बेसब्री से कर रही है। बता दें कि एमपी में रिकॉर्ड 76.22 फीसदी मतदान हुआ। जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है।
वोटिंग होने के बाद ईवीएम मशीनों को सुरक्षित तरीके से जमा कराने का काम भी देर रात तक चलता रहा। वोटिंग के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीन स्ट्रांग रूम में सुरक्षित पहुंचाई गई। बता दें कि तीन लेयर की सुरक्षा में ईवीएम मशीनों को रखा गया है। सेंट्रल फोर्स, सीआरपीएफ, सीएपीएफ और स्थानीय प्रशासन के जिम्मे ईवीएम की सुरक्षा है। वहीं सीसीटीवी कैमरों की निगाहें भी ईवीएम की सुरक्षा पर हैं।
वोटिंग के बाद अब स्ट्रांग रूम को लेकर न सिर्फ प्रशासन बल्कि राजनीतिक पार्टियां भी चिंतित है। ये ही वजह है कि पॉलिटिकल पार्टियां भी स्ट्रांग रूम के बाहर पहरा देगी। स्ट्रांग रूम की वेबकास्टिंग सभी जिलों में की जाएगी। वहीं निर्वाचन कार्य में जुड़े अधिकारी/कर्मचारी हो स्ट्रांग के केम्पस में जा सकेंगे।