छत्तीसगढ़ : महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में...
गुरुग्राम। रविवार देर रात्रि तक ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित इंडियन एमेच्योर...
उज्जैन। डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प अंतर्गत आयोजित...

अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसी बीच देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने एक निर्देश दिया है। उनके इस निर्देश का जमकर विरोध हो रहा है। मेयर ने निर्देश दिया है कि शहर के सभी मॉल और दुकानों में अयोध्या में बने राम मंदिर की प्रतिमा लगाई जाए। मेयर के इस फैसले का शहर में विरोध शुरू हो गया है। कई संगठनों ने फैसले के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया है।
इसी बीच पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- ” मैं इन लोगों से कहना चाहता हूं कि अगर 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक सांता क्लॉज और क्रिसमस ट्री लगाए जा सकते हैं और आपको उस पर कोई आपत्ति नहीं है तो राम मंदिर की प्रतिकृति लगाने में भी किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि किसी ने इस राममय उत्सव में अकारण असहयोग किया तो इंदौर की जनता ऐसे लोगों को जवाब देना जानती है। ये राम जी का काम है राम राज्य का काम है।”
कांग्रेस भी हमलावर
वहीं, पुष्यमित्र भार्गव के इस बयान के बाद कांग्रेस भाजपा नेता पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमीनुल सुरी ने इंदौर मेयर पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश धर्मनिरपेक्ष है। उन्होंने मेयर के इस बयान को लेकर आपत्ति जताई है। सुरी ने कहा कि राम भगवान सब के आराध्य हैं लेकिन अयोध्या के मंदिर की प्रतिकृति लगाने या अन्य तरह से शहर के किसी भी नागरिक को बाध्य नहीं किया जा सकता है।
22 जनवरी को अयोध्या में भव्य मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस समारोह में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। पीएम मोदी इस कार्यक्रम के मुख्य यजमान हैं। एमपी में भी इस उत्सव को लेकर खास तैयारी चल रही है।