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केंद्रीय मंत्री ने विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक से इतर एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि यह तथ्य बहुत कुछ बताता है कि वैश्विक नेतृत्व, विशेष रूप से वैश्विक आर्थिक नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी का दावोस (Davos) में फिर से स्वागत करने को लेकर उत्सुक है। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद वैश्विक नेता ऐसे समय में एक उदार और विश्वसनीय भागीदार के रूप में भारत की बात कर रहे हैं, जब कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं की हालत खराब है और समग्र भू-राजनीतिक परिदृश्य विखंडित है।
पीएम मोदी ने 2018 में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में भाग लिया था। उन्होंने 2021 और 2022 में वैश्विक नेताओं की इस सभा को डिजिटल तरीके से संबोधित किया था। ईरानी ने वैश्विक नेताओं के साथ उनकी बात-चीत के बारे में पूछे जाने पर कहा कि विश्वभर के नेता भारत की विकास गाथा, इसकी भावी क्षमताओं और देश में नीतिगत एवं राजनीतिक स्थिरता को लेकर आश्वस्त हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष ने भी एक साक्षात्कार में सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वह 2025 में पीएम मोदी को दावोस में पुन: आमंत्रित करेंगे। इसका मतलब है कि वैश्विक समुदाय पीएम मोदी के दोबारा सत्ता में आने को लेकर आश्वस्त है। अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में भी हलचल देखने को मिली।