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इंदौर-उज्जैन रोड के लवकुश चौराहे पर बन रहा डबलडेकर फ्लायओवर प्रदेश का सबसे ऊंचा फ्लायओवर होगा। जमीन से इसकी अधिकतम ऊंचाई 70 फीट होगी। आमतौर पर जो ब्रिज बनते है,उनकी ऊंचाई 30 से 40 फीट तक होती है। इस ब्रिज की ऊंचाई की वजह मेट्रो ट्रेन ट्रेक है। तय मापदंडो के अनुसार मेट्रो ट्रेक से 20 फीट ऊंचाई पर ही ब्रिज की भुजा बनाई जा सकती है।
बाणगंगा से सांवेेर की दिशा में बनने वाले ब्रिज की ऊंचाई 70 फीट रहेगी, इसलिए उसकी लंबाई भी सवा किलोमीटर से ज्यादा है, ताकि वाहनों को ढलान और चढाई का सामना ज्यादा न करना पड़े। ब्रिज छह लेन बनेगा। गांधी नगर चौराहा से एमआर-10 की तरफ बनने वाले ब्रिज की ऊंचाई मेट्रो ट्रेक से नीचे रहेगी। चौराहे पर मेट्रो स्टेशन भी बन रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि ब्रिज के दोनो भुजाएं तैयार हो रही है। मध्य हिस्से का काम सबसे आखिर में किया जाएगा। प्रदेश में स्टेट हाइवे पर यह पहला डबल डेकर ब्रिज इंदौर में बन रहा है। इंदौर में ही बायपास पर एनएचएआई थ्रीलेयर ब्रिज बना रहा है, हालांकि उसकी ऊंचाई भी कम है।
175 करोड़ रुपये है लागत
इस ब्रिज की लागत 175 करोड़ रुपये है। पहली बार 24 मीटर का स्पाॅन इसके लिए बनाया जा रहा है,ताकि सड़क पर चलने वाले यातायात को भी परेशानी न हो। ब्रिज के दोनों तरफ 12-12 मीटर की चौड़ी सड़कें भी रहेगी। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम इंदौर से उज्जैन तक छह लेन रोड बना रहा है,जो अरबिंदो अस्तपाल चौराहे से शुरू होगा। ब्रिज की भुजा इस चौराहे पर समाप्त होगी। इस साल नवंबर तक इस ब्रिज के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।