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Bharat-Nepal: चार साल पहले भारत ने नेपाल के कदम पर कड़ी आपत्ति जताई थी. वो ये कि नेपाल ने अपने पॉलिटिकल मैप में भारत-नेपाल सीमा के उन क्षेत्रों को अपना बताया था जिस पर भारत अपना अधिकार जमाता है. अब एक बार फिर इसी विवाद जिन्न बोतल से बाहर आ गया है. अब नेपाल की सरकार में मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि नेपाल के 100 रुपये के नोट पर नेपाल का नया नक्शा होगा और इस नक्शे में तीनों विवादित क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को शामिल किया जाएगा. मंत्रिपरिषद की यह बैठक नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ की अध्यक्षता में हुई.
नेपाल की संसद में हुई इस बैठक में इस बिल के पक्ष में 275 में से 258 वोट डाले गए जबकि एक भी वोट इसके विरोध में नहीं पड़ा. नेपाली कांग्रेस (NC), राष्ट्रीय जनता पार्टी-नेपाल (RJP-N) और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) सहित प्रमुख विपक्षी दलों ने इस नए विवादास्पद नक्शे का समर्थन किया था.
पड़ोसी देश के इस कदम से भारत और नेपाल की टेंशन बढ़ने सकती है. नए नक्शे को छापने के ऐलान से दोनों देशों के बीच संबंधों पर क्या असर पड़ेगा यह तो वक्त ही बताएगा. वहीं भारत सीमा से लगे इन क्षेत्रों को विस्तार रूप दे चुका है. 100 रुपये के नोट पर नए नक्शे को छापने के फैसले के बारे में नेपाल सरकार की प्रवक्ता रेखा शर्मा ने जानकारी दी. वह नेपाल की सूचना और संचार मंत्री भी हैं.
उनके अनुसार 25 अप्रैल और दो मई को इस संबंध में बैठक हुई और 100 रुपये की नई करेंसी पर नया नक्शा छापने पर सहमति बनी. पहले भी इन तीनों विवादित स्थलों को पॉलिटिकल मैप में छापने के लिए वहां संविधान में संशोधन किया गया था.