मध्यप्रदेश ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बनाई मजबूत पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निवेशकों का विश्वास जीतने का परिणाम, बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश आ रहे...
samacharline.com | Straight from Mahakal Dham
Watch direct live telecast and divine darshan of Lord Mahakal's holy procession. Streamed live in HD directly on this portal.
निवेशकों का विश्वास जीतने का परिणाम, बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश आ रहे...
उत्तराखंड। चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के दशहरा मैदान स्थित...

गंजबासौदा(ओ.पी. चौरसिया)। कृषि उपज मंडी में धर्मकांटा तुलाई को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद रविवार से नए मोड़ पर पहुंच गया। अनाज एवं तिलहन व्यापारी संघ और मंडी प्रशासन के बीच बने गतिरोध को खत्म करने के लिए विदिशा से रविवार को पहुंचे नापतौल विभाग के अधिकारियों ने मंडी परिसर में लगे चारों धर्मकांटों की जांच की। जांच प्रक्रिया विधायक प्रतिनिधि तरवर सिंह रघुवंशी, भारतीय किसान संघ प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, व्यापारी संघ अध्यक्ष सतीश कटारे, सुखजीत सिंह सहित मंडी अधिकारियों और व्यापारियों की मौजूदगी में कराई गई।
नापतौल विभाग के अधिकारी अपने साथ सत्यापित बाट लेकर पहुंचे थे। उनकी मदद से धर्मकांटों का परीक्षण किया गया। मंडी में उपज तुलाई के लिए कृषि मंडी बोर्ड ने ठेकेदार के माध्यम से चार धर्मकटि लगाए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि धर्मकटि और फर्म पर होने वाली तुलाई में अंतर सामने आ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते गुरुवार को सत्यापन का प्रयास किया गया था, लेकिन ठेकेदार के पास सत्यापित बाट नहीं थे, इसलिए प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। आज जांच प्रक्रिया पूरी की गई।
टायरों में पानी भर करवाई तुलाई तो बढ़ा विवाद
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब पिछले सप्ताह एक किसान द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली के टायरों में पानी भरकर वजन बढ़ाने और अधिक भुगतान लेने की कोशिश का मामला सामने आया। व्यापारी संघ ने इसे धोखाधड़ी बताते हुए किसान पर मामला दर्ज कराने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार से व्यापारी नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। मंडी प्रशासन ने व्यापारी संघ की मांग पर संबंधित किसान के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है। इसके बाद रविवार को धर्मकांटों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। हालांकि मंडी प्रशासन का कहना है कि वास्तविक सत्यापन उपज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की तुलाई के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।
कई समस्याओं से बचे
किसानों का कहना है कि पहले फर्म पर तुलाई के दौरान उन्हें तुलाई से लेकर दाने झाड़ने और अन्य व्यवस्थाओं में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। धर्मकांटा व्यवस्था से उनकी परेशानियां कम हुई हैं। वहीं व्यापारियों का कहना है कि अब तुलाई में थोड़ी सी भी गड़बड़ी का पूरा नुकसान उन्हें उठाना पड़ता है। क्योंकि धर्मकांटे में किसी प्रकार की गुंजाइश नहीं रहती। इसी कारण धर्मकांटे का सत्यापन होना जरूरी है।
धर्मकांटा व्यवस्था के पीछे किसानों की लंबी लड़ाई
मंडी में धर्मकांटा व्यवस्था लागू कराने के लिए किसान संगठनों ने लंबे समय तक संघर्ष किया था। पहले किसानों को नीलामी के बाद फर्मों पर तुलाई और भुगतान के लिए दो-दो दिन तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान नीलामी के तुरंत बाद धर्मकांटे पर वाहन की तुलाई कराते हैं। फर्म पर माल खाली करने के बाद दोबारा वजन कराया जाता है। दोनों पर्चियों के आधार पर भुगतान होने से किसानों का समय बचने लगा।
गड़बड़ी मामले में केस दर्ज
नापतौल विभाग द्वारा व्यापारी संघ, किसान संघ और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में धर्मकांटों का सत्यापन कराया गया है। साथ ही तुलाई में गड़बड़ी के मामले में दोषी के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया गया है।
सोहनलाल, मंडी सचिव, गंजबासौदा।