उज्जैन सिंहस्थ 2028 : स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ की पार्किंग व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया
उज्जैन। स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ 2028 के दौरान बाहर से आने...
उज्जैन। स्पेशल डीजी जैन ने सिंहस्थ 2028 के दौरान बाहर से आने...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय...
Prime Minister Narendra Modi has praised this initiative. Dr. Yadav repeatedly emphasizes...

वाशिंगटन। आतंकियों के खिलाफ जंग में पाकिस्तान के ढुलमुल रवैये को देखते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को दी जाने वाली 300 मिलियन डॉलर सहायता राशि पर रोक लगाने का फैसला किया है।
अमेरिकी सेना की ओर से कहा गया है कि जिस तरह से पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाने में विफल रहा है, उसे देखते हुए हमने 300 मिलियन डॉलर (2100 करोड़ रुपए) की आर्थिक मदद को रोकने का फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोनी फॉकनर ने कहा है कि अमेरिकी रक्षा विभाग अब इस राशि का उपयोग आवश्यक प्राथमिकताओं पर करेगा।
अमेरिका के इस फैसले से पाकिस्तान की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ा झटका लगा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि पाकिस्तान उन चरमपंथियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है, जो पड़ोसी देश अफगानिस्तान में पिछले कई सालों से जंग छेड़े हुए हैं।
हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। ऐसे में अब यह कदम को दोनों देशों के बिगड़ते रिश्तों की एक बानगी की तरह देखा जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यदि आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान का रवैया बदलता है, तो वह फिर से आर्थिक मदद हासिल कर सकता है।
बता दें कि इससे पहले भी अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान को 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रद कर दी थी। हालांकि, रक्षा मंत्रालय के इस फैसले को अभी अमेरिकी संसद की मंजूरी नहीं मिली है।
अमेरिका से धोखाधड़ी करने का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले पाकिस्तान पर अरबों डॉलरों की मदद मिलने के बावजूद अमेरिका से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने कहा था, ‘अमेरिका ने पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दी।
इसके बदले में पाकिस्तान ने झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया। वे सोचते हैं कि अमेरिका के नेता मूर्ख हैं। हम अफगानिस्तान में जिन आतंकियों को तलाश रहे हैं, उन्होंने (पाकिस्तान ने) उन्हें पनाह दी। अब और नहीं।
इमरान की मुश्किलें और बढ़ेंगी
अमेरिका के इस कदम से पाकिस्तान की नई सरकार और प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ेंगी। इमरान खान ने पिछले महीने ही पाकिस्तान की कमान संभाली है और आर्थिक मोर्चे पर उन्हें जूझना पड़ रहा है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है।
बताते चलें कि मई 2017 में जहां पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, वहीं अब ये 10 अरब डॉलर के नीचे पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के कारण चालू खाता घाटा का संकट और गहरा गया है।