Madhya Pradesh : भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव भोपाल में बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाएगा
भोपाल। भगवान चित्रगुप्त प्रकटोत्सव के अवसर पर 23 अप्रैल 2026 को राजधानी...
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दुबई में खेले गए एशिया कप फाइनल मैच में जीत दर्ज भारतीय टीम ने सातवीं बार इस खिताब पर कब्जा जमाया. विराट कोहली की गैर-मौजूदगी में कप्तानी कर रहे विस्फोटक सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पहली बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. बांग्लादेश पर मिली करीबी जीत में रोहित शर्मा की कप्तानी की भी जमकर तारीफ हो रही है. अब तक महेंद्र सिंह धोनी को सबसे कूल कप्तान के रूप में जाना जाता है, जबकि टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली को थोड़ा आक्रामक माना जाता है. लेकिन उनकी गैर-मौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा की कप्तानी से टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री काफी संतुष्ट नजर आए.
शुक्रवार को खेले गए फाइनल मैच में बांग्लादेश ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 222 रन बनाए थे. बांग्ला टीम के ओपनर बल्लेबाजों लिटन दास और मेहदी हसन ने शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया, जिसकी बदौलत 20 ओवर में ही बांग्लादेश ने बिना विकेट खोए 120 रन बना लिए. लेकिन इसके बाद मेहदी हसन के आउट होते ही रोहित शर्मा ने अपने गेंदबाजों का बखूबी इस्तेमाल किया और बांग्लादेश मिडल ऑर्डर को टिकने नहीं दिया. यही वजह रही कि लिटन दास (121 रन) के अलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ स्कोर नहीं कर सका और बाकी पूरी टीम महज 100 रन ही बना पाई.
मैच के बाद कोच रवि शास्त्री से जब रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने रोहित की जमकर तारीफ की. रोहित शर्मा बहुत कूल थे, जो उनकी कप्तानी में भी दिखा. उन्होंने हर जगह धैर्य का परिचय दिया. बॉलिंग में जो बदलाव उन्होंने किए, वो तारीफ के लायक हैं. आखिरी 30 ओवर में सिर्फ 100 रन खर्च करना काबिल-ए तारीफ है.’
भारत के लिए कप्तान रोहित शर्मा (48) ने सर्वोच्च स्कोर किया. उन्होंने अपनी पारी में 55 गेंदों का सामना किया और तीन चौकों के अलावा इतने ही छक्के लगाए. दिनेश कार्तिक ने 37 और महेंद्र सिंह धोनी ने 36 रन बनाए. केदार जाधव ने चोट के बाद भी 27 गेंदों में 23 रनों की नाबाद पारी खेली.