Heat-Not-Burn (HNB) Devices MNCs Playing a Dangerous Game with Youth Psyche: Manav Rachna School Ex Principal Calls for Policy Overhaul
New Delhi, May 2026 — Raising serious concerns...
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देवास। जब भी कोई राज्यीय या केन्द्रीय मंत्री शहर या फिर बायपास मार्ग से गुजरता है तो उस मंत्री को पुलिस का फालो वाहन जिले की अंतिम सीमा तक सुव्यवस्थित छोड़ता है। लेकिन जब कोई मंत्री फालो वाहन को पीछे छोड़कर आगे की और निकल जाता है तो यहां पर किसकी निष्क्रियता दिखाई देती है, यह आप समझ सकते हैं। कहा जाए तो ऐसी स्थिति में हादसा होने का भय भी बना रहता है। वैसे माना जाए तो जब से कांग्रेस सरकार राज्य में आई है तब से लेकर अब तक सरकार के विभागीय मंत्रियों को भोपाल पंहुचने की इतनी जल्दी रहती है की वह पुलिस के फालो वाहन को आसानी से पीछे छोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ था जब भाजपा सरकार में एक मंत्री फालो वाहन को पीछे छोड़कर तेजी से आगे जा रहे थे, उस दौरान बायपास मार्ग पर दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। तब से पुलिस का फालो वाहन मंत्रियों के वाहन से आगे रहता था। लेकिन अब मंत्रियों के वाहन ऐसे गुजरते हैं मानो तो ऐसा लगता है की मंत्री का वाहन पुलिस के वाहन को फालो दे रहा होगा।
पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री जीतू पटवारी का आगमन देवास में हुआ था, यहां से वह शाजापुर रोड की और जा रहे थे, उस दौरान मक्सी रोड़ पर मंत्री का वाहन इतनी तेजी से निकला की पुलिस के फालो वाहन को पीछे छोड़ दिया और वह बायपास मार्ग से आगे तक निकल गये थे। बताया जाता है की मंत्री के वाहन को फालो देने के लिए पुलिस के पायलेट वाहन को फालो करने के लिए वायरलेस पर संदेश गया था। लेकिन जब तक पुलिस का फालो वाहन मंत्री के वाहन से आगे चलता उससे पहले मंत्रीजी का वाहन तेजी से आगे निकल गया था। इस प्रकार से दुर्घटना का भय बना रहता है। ऐसे में यदा-कदा कोई घटना हो जाती है तो किसे दोषी मानेंगे, यह सोचनीय है। जबकि वर्षो पूर्व भाजपा पार्टी के मंत्री लक्ष्मण सिंह गौढ़ भी देवास बायपास मार्ग से भोपाल की और जा रहे थे। बताया जाता है की उन्होनें भी पुलिस के फालो वाहन को पीछे छोड़ दिया था, जिस पर उनकी दुर्घटना में मौत हो गई थी। तब से पुलिस विभाग वीआईपी, व मंत्रीयों के वाहन को फालो जरूर देते हैं। लेकिन मंत्रीयों को भोपाल जाने की इतनी जल्दी रहती है की वह पुलिस के फालो वाहन को भी पीछे छोड़ देते हैं।
फिर कुछ ऐसा ही हुआ
शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब इंदौर से प्रभारी मंत्री शहर के बीच से होते हुए निकले जिसकी सूचना वायरलेस सेट पर चल रही थी। जिसके तहत औद्यौगिक थाना सीमा से कोतवाली सीमा तक पुलिस का फालो वाहन आगे निकलता उससे पहले मंत्री जी का वाहन तेज गति से पुलिस थाना की सीमाओं को पार कर भोपाल बायपास के करीब पंहुच गया था। यहां पर शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया जिसमें लगा की मंत्री जी पायलट वाहन को फालो दे रहे………!