मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 8 जून को हरियाणा से सोमनाथ के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 11 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब...
चंडीगढ़, 11 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब...
चंडीगढ़, 11 मई – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब...
नई दिल्ली, 11 मई 2026: रिलायंस फाउंडेशन और...

केंद्र सरकार का वस्तु एवं सेवा कर (GST) राजस्व संग्रह अगस्त में 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो इससे एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 30 प्रतिशत से अधिक है. इस तरह पिछले दो दिन में मोदी सरकार के लिए जीडीपी सहित चार अच्छी खबरें आई हैं.
जीएसटी संग्रह लगातार दूसरे महीने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘अगस्त 2021 में सकल जीएसटी राजस्व 1,12,020 करोड़ रुपये है.’ हालांकि, अगस्त में जुटाई गई राशि, जुलाई 2021 के 1.16 लाख करोड़ रुपये से कम है. अगस्त 2021 में जीएसटी राजस्व, पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है. जीएसटी संग्रह अगस्त 2020 में 86,449 करोड़ रुपये था.
मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी संग्रह अगस्त 2019 में 98,202 करोड़ रुपये था. इस तरह अगस्त 2019 की तुलना में इस साल अगस्त में संग्रह 14 प्रतिशत अधिक रहा. लगातार नौ महीनों तक जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहने के बाद संग्रह जून 2021 में कोविड की दूसरी लहर के कारण एक लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया था. वित्त मंत्रालय ने कहा कि आने वाले महीनों में भी मजबूत जीएसटी संग्रह जारी रहने की संभावना है.
GDP में शानदार बढ़त: इसके पहले मंगलवार को केंद्र सरकार के लिए पहली बार कोरोना संकट के बीच जीडीपी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई. मंगलवार को सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट रिकॉर्ड 20.1 फीसदी रही है. जीडीपी में रिकवरी से इकोनॉमी की गाड़ी पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं.
कोर सेक्टर के उत्पादन में अच्छी बढ़त: जुलाई में कोर सेक्टर के आठ इंडस्ट्री के उत्पादन में अच्छी बढ़त हुई है. सरकार द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कोर सेक्टर का उत्पादन जुलाई में 9.4 फीसदी बढ़ा है. एक साल पहले इसी महीने में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 7.6 प्रतिशत घटा था. कोर सेक्टर में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली क्षेत्र आते हैं.
महंगाई में राहत: देश में औद्योगिक कामगारों के लिए खुदरा महंगाई जुलाई महीने में थोड़ी घटकर 5.27 फीसदी रह गई है. श्रम मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई. मंत्रालय के अनुसार खासकर खाने-पीने के सामान के दाम घटने से महंगाई में राहत मिली है. जून 2021 में यह 5.57 फीसदी और जुलाई 2020 में 5.33 फीसदी था.