यूपी में BJP का है जमाना तो सपा क्यों बन रही दलबदलुओं का सियासी ठिकाना?
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में लोकतांत्रिक स्थिति की आलोचना की गई है,...
फरवरी महीने में थोक मूल्य आधारित सूचकांक (WPI) बढ़कर 4.17 फीसदी पर...
बंगाल की चुनावी रेस में बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे से एक...

भारत दुनिया के सभी देशों में अपने स्थानिक मिशन स्थापित करने के लिए प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय चरणबद्ध तरीके से मिशनों की स्थापना के लिए योजना तैयार करेगा तथा अगले कुछ सालों में 11 देशों में नए मिशन स्थापित किए जाएंगे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि मौजूदा समय में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 48 देशों में भारत के स्थानिक मिशन नहीं हैं।
हालांकि ये बहुत छोटे देश हैं, जिनमें से ज्यादातर लैटिन अमेरिका और अफ्रीका महाद्वीपों में हैं। मौजूदा समय में इन देशों से जुड़ा कार्य नजदीक के देश में स्थित भारतीय मिशन द्वारा किया जाता है। लेकिन भारत की कोशिश है कि सभी देशों में स्थानिक मिशन स्थापित किए जाएं।
हाल में संसद की विदेश मंत्रालय से संबद्ध स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में सरकार से कहा था कि वह जल्द से जल्द सभी देशों में भारतीय स्थानिक मिशन स्थापित करे। समिति ने कहा कि वह इसके लिए एक चरणबद्ध कार्यक्रम बनाए और तय सीमा के भीतर सभी देशों में मिशन स्थापित करे।
बता दें कि पिछले दो-तीन सालों के दौरान भारत ने कई देशों में अपने मिशन स्थापित किए हैं। इनमें एस्टोनिया, पराग्वे, डोमिनिकल रिपब्लिक, लाइबेरिया तथा लिथुआनिया शामिल हैं। दरअसल, भारत की कोशिश सभी देशों में मिशन स्थापित करने की है, ताकि छोटे देशों से कारोबार बढ़ाया जा सके। इसी प्रकार भारत रक्षा निर्यात बढ़ाने पर भी फोकस कर रहा है, जिसमें उसकी नजर मंझोले एवं छोटे देशों पर है।