सिंहस्थ 2028 : सशक्त, पारदर्शी, विधिसम्मत, संवेदनशील, व्यवहारिक मेला अधिनियम की दरकार है।
उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए जो अधोसंरचना के कार्य किए जा...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर<strong>(</strong> <strong>सार्वजनिक-निजी सहभागिता)</strong> चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। द्वितीय चरण में 9 जिलों क्रमश: टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, सीधी और शाजापुर में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश में रोगियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के उद्देश्य से टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अतिरिक्त बिस्तरों के संचालन के लिए 810 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, टीकमगढ़ में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए उनका आभार मानने मुख्यमंत्री निवास आए युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गजमाला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह व गदा भेंटकर सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ की क्षमता बढ़ाते हुए 300 बिस्तर से 500 बिस्तर में उन्नयन तथा इनके संचालन के लिए 160 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। गत वर्ष टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ रूपए की लागत से अतिरिक्त 100 बिस्तरीय नवीन भवन का निर्माण किया गया है। टीकमगढ़ अस्पताल में अब विशेषज्ञ ओ.पी.डी, आपातकालीन सेवायें, परिवार कल्याण सेवायें, लैब, रेडियोलॉजी, ट्रामा केयर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, गहन नवजात देखभाल इकाई आदि सुविधाओं के साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और परिवार कल्याण संबंधी परामर्श व सुविधा उपलब्ध होगी।