“डॉ. हेडगेवार स्मृति व्याख्यानमाला” पंच परिवर्तन के सूत्रों से राष्ट्र को नई दिशा देगा संघ : आलोक कुमार
उज्जैन। डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प अंतर्गत आयोजित...
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उज्जैन। डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय डॉ. हेडगेवार स्मृति व्याख्यानमाला-2026 का समापन रविवार रात्रि लोकमान्य तिलक विद्यालय, नीलगंगा रोड, माधव नगर में हुआ। समापन दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मा. सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी ने “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – नए क्षितिज” विषय पर विस्तृत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सनदी लेखाकार अजय कुमार जैन ने की। बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ता का परिचय डॉ. राजश्री जोशी ने कराया। अतिथियों का स्वागत मनु गोराहा एवं रामजी शर्मा ने अंगवस्त्र भेंट कर किया। गीत प्रस्तुति देवेश पांडे ने दी।

अपने उद्बोधन में आलोक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल कार्य व्यक्ति निर्माण और संस्कार निर्माण है। शाखाओं के माध्यम से स्वयंसेवकों में देशभक्ति, अनुशासन, सेवा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव विकसित किया जाता है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परम वैभव का अर्थ कोई अलौकिक अवधारणा नहीं, बल्कि ऐसा राष्ट्र है जहां प्रत्येक नागरिक को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध हो, साथ ही देश की रक्षा, अर्थव्यवस्था और विज्ञान भी सशक्त हों।
संघ समाज शक्ति में विश्वास करता है
आलोक कुमार ने कहा कि संघ की धारणा पहले दिन से ही समाज शक्ति पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि देश का परिवर्तन केवल राजनीति से नहीं, बल्कि जागृत और संगठित समाज से संभव है। उन्होंने कहा कि संघ चाहता है कि स्वयंसेवकों जैसा अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव आम नागरिकों में भी विकसित हो। किसी भी आपदा, संकट या राष्ट्रीय अवसर पर समाज स्वयं आगे बढ़कर राष्ट्रहित में कार्य करे, यही संघ का लक्ष्य है।
पंच परिवर्तन से समाज जागरण और राष्ट्र वैभव का नया संकल्प
अपने उद्बोधन में आलोक कुमार ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के बाद आगामी 15 से 20 वर्षों के लिए “पंच परिवर्तन” को समाज जीवन का प्रमुख अभियान बनाया गया है। इसके माध्यम से सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध तथा स्वदेशी जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समाज इन पांच विषयों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना शुरू कर दे, तो राष्ट्र के परम वैभव का सपना शीघ्र साकार हो सकता है। संघ इन विषयों पर व्यापक जनसंपर्क, संवाद और जागरूकता अभियान के माध्यम से समाज शक्ति को संगठित करने का कार्य करेगा।
भारत आज सबसे सशक्त अवस्था में : आलोक कुमार
मुख्य वक्ता ने कहा कि लंबे संघर्ष और आक्रमणों के दौर से निकलकर आज भारत विश्व के सबसे सशक्त देशों में स्थान बना चुका है। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न, आधारभूत संरचना, सड़कों, आवास और अन्य सुविधाओं के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि भारत अब विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है और आने वाले समय में समाज शक्ति के सहयोग से यह यात्रा और तेज होगी।