पंजीकृत संगठन बनाने पर सहमति, मजदूर की लड़ाई तेज करने का ऐलान, मंडी हम्मालों ने भरी हुंकारः मजबूत यूनियन के लिए एकजुट होने का लिया संकल्प
गंजबासौदा(ओपी चौरसिया)। कृषि उपज मंडी में हम्मालों की बड़ी बैठक आयोजित हुई।...
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गंजबासौदा(ओपी चौरसिया)। शासन के स्पष्ट प्रतिबंध के बाद भी खेतों में नरवाई जलाने का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। सैटेलाइट सर्वे में तहसील क्षेत्र के 155 किसानों के खेतों में आग लगाने के मामले सामने आए हैं। इससे जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जांच के लिए संबंधित पटवारियों को मौके पर भेजा गया है। अब तक 5 मामलों की पुष्टि हुई है। किसानों को नोटिस दिए गए हैं। जुर्माना भी लगाया गया है। करीब 150 मामलों में पटवारियों की रिपोर्ट का इंतजार है।
कई किसान रात के अंधेरे में चोरी-छिपे नरवाई जला रहे हैं। सैटेलाइट निगरानी से ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता पहले ही किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील कर चुके हैं। कृषि विभाग गांव-गांव चौपाल लगाकर जागरूकता अभियान चला रहा है। नरवाई जलाने का असर अब शहर में भी दिख रहा है। तेज गर्मी और हवा से खेतों की काली राख उड़कर घरों तक पहुंच रही है। छतों और कमरों में काली परत जम रही है। सुबह सफाई के बाद भी दिन-रात में फिर वहीं हाल हो जाता है। नगरवासी हर साल बारिश तक इस परेशानी से जूझते हैं।
रिहायशी इलाकों के पास भड़क रही आग से खतरा
तहसीलदार अरविंद यादव के मुताबिक गेहूं की कटाई पूरी होते ही घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। हाल ही में पार्क सिटी कॉलोनी के पीछे खेतों में भीषण आग लगी। लपटें और धुआं दूर तक दिखा। कंजना और उदयपुर रोड पर भी कई जगह आग की घटनाएं सामने आई हैं। खेतों के पास बस्तियां हैं। लोग हैं। लोगों में डर है। फैलने का खतरा है। धुएं से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। है। आग फैलने का खतरा है। धुंए से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
जुर्माने का प्रावधान: हेक्टेयर के हिसाब से सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने जुर्माने का प्रावधान साफ किया है। 1 हेक्टेयर तक 2500 रुपए 2 हेक्टेयर तक 5000 रुपए। 10 हेक्टेयर से अधिक पर 15000 रुपए। धारा 188 के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान है। प्रशासन ने संदेश दिया है कि नरवाई जलाना बंद करें। जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी। चौपाट कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है।