बाजार वसूली कर रहे दादागिरी से छुटपुट व्यापारियों से एक दिन में दो बार वसूल रहे बाजार कर - Samacharline.com

“सेवा के 25 साल” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान -डॉ. मोहन यादव

यशस्वी श्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात...

UPI पर मर्चेंट फीस के विरोध में 18 सितंबर से दुकानों पर लगेंगे पोस्टर

इंदौर। UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट...

From Financial Inclusion to Financial Empowerment: Why India Needs ‘Arth Shala’ -CA Harsh Mantri

In a small town in Madhya...

उज्जैनदेवासभोपालमध्य प्रदेश

बाजार वसूली कर रहे दादागिरी से छुटपुट व्यापारियों से एक दिन में दो बार वसूल रहे बाजार कर

देवास। नगर पालिका निगम बाजार में दुकान लगा रहे ठेले व्यवसायियों के साथ-साथ फुटपाथ पर बैठे छोटे- मोटे व्यवसायियों से व्यापार करने का टेक्स वसूलता है। यहां पर निगम के विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इन व्यापारियों से 5 रूपए से लेकर 10 रूपए की रसीद प्रतिदिन के हिसाब से काटते हैं। जो निगम के पास उक्त रकम जमा की जाती है। बताया जाता है की उक्त कार्य निगम ने ठेका पद्धति पर देकर रखा है। जिसमें कई प्रकार की धांधली भी हो रही है। वहीं यह लोग छुटपुट व्यापारियों को डरा धमका कर एक दिन में दो से अधिक बार पैसा वसूलते हैं। ऐसा ही एक प्रकरण शहर के बीच देखने को मिला जहां जबलपुर से आया एक लड़का जो दिपोत्सव पर्व के चलते मिट्टी के दीपक बेचे रहा है। उससे निगम वसूली कर रहे कर्मचारियों ने दो बार रसीद काट कर पैसा वसूला जबकि एक दिन की एक रसीद हाट बाजार के लिए होती है। कहा जाए तो एक बार की वसूली निगम की हो गई और दूसरी बार की वसूली में कर्मचारी ने अपनी जेब गर्म कर ली।
निगम द्वारा बाजार वसूली के नाम पर अलग-अलग निगम के कर्मचारियों द्वारा फुटकर व्यापारियों के साथ 5 व 10 की रसीद काटी जाती है। लेकिन जैसे दिवाली का त्यौहार नजदीक आया वैसे ही निगम की ये वसूली दादागिरी से चल रही है। नावेल्टी चौराहे पर जबलपुर से आए अर्जुन नामक लड़के से निगम द्वारा 2-2 रसीद देकर जबरन वसूली की गई। जिस पर उस ठेले पर सवार दीपक बेचने वाले अर्जुन ने जब कहा कि मैंने पहले ही रसीद कटवा ली है तो वसूली कर्ता द्वारा जबरदस्ती दूसरी रसीद काटकर पैसे लिए गए नहीं पैसे देने की बात पर उसे डराया और धमकाया भी गया। जिस पर बेचारे फुटकर व्यापारी ने निगम की वसूली कर्ता को पैसे लेकर रसीद ली गई। लेकिन निगम है कि जबरन वसूली के नाम पर छोटे व्यापारियों को डरा धमका कर इस तरह का काम कर रही है।